E.h. Carr What Is History Pdf In Hindi [work] · Free

ई.एच. कार (E.H. Carr) की प्रसिद्ध पुस्तक " इतिहास क्या है?

" (What is History?) इतिहासलेखन (Historiography) के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कृति मानी जाती है। 1961 में पहली बार प्रकाशित यह पुस्तक मूल रूप से कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में दिए गए छह व्याख्यानों का संकलन है।

मुख्य विषय और समीक्षा (Key Themes & Review)

E.H. Carr's "What is History?" Explored | PDF | Historian | Science

You can find the Hindi translation of E.H. Carr’s seminal work, What is History? (titled in Hindi as Itihas Kya Hai?), through several free online archives and repositories. Hindi Translation PDF Links

Internet Archive (JaiGyan Collection): A full digitized copy of the Hindi translation (Itihas Kya Hai?) provided in a 42.7MB PDF format.

Internet Archive (Digital Library of India): Another scanned version of the 185-page print book originally published by The Macmillan Company, New Delhi.

Open Library: Provides a philosophical interpretation and overview of the book's themes in Hindi. Key Concepts from the Hindi Version

In this text, E.H. Carr challenges the idea that history is merely a collection of objective facts.

Continuous Dialogue: Carr famously defines history as a "continuous dialogue between the historian and his facts" (itihaas ateet aur vartaman ke madhya ek chirantan sanvad hai).

Historian's Role: He argues that historians cannot be completely objective because they are influenced by their personal biases and the social context of their own time.

Fact vs. Interpretation: Carr suggests that facts do not "speak for themselves"; rather, the historian chooses which facts are significant based on their own interpretation. Academic Resources & Summaries

For students looking for chapter summaries or lecture notes in Hindi:

Maharaja College Notes: A lecture-style PDF in Hindi explaining Carr's definitions and his views on the historian's mindset.

LPU Distance Education: A comprehensive Hindi study guide on historiography that includes a detailed section on E.H. Carr. AI responses may include mistakes. Learn more ITIHAS KYA HA?I - HINDI : E. H. CARR - Internet Archive

ई.एच. कार की 'व्हाट इज हिस्ट्री' (What is History): पीडीएफ़ हिंदी में खोजने और समझने की पूरी गाइड

2. 'व्हाट इज हिस्ट्री' का मूल निचोड़ (Core Concept)

इस पुस्तक का प्रसिद्ध उद्धरण है: "History is an unending dialogue between the present and the past." (इतिहास वर्तमान और अतीत के बीच एक अंतहीन संवाद है।)

कार ने तीन मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया:

  1. इतिहासकार और तथ्य (Historian and Facts): कार ने कहा कि अतीत के सभी तथ्य 'इतिहास' नहीं होते। तथ्य तब इतिहास बनते हैं जब इतिहासकार उन्हें चुनता है (Selection of facts)। एक लाख घटनाएं हुईं, लेकिन इतिहासकार केवल उन्हीं को लिखता है जो उसके 'समय के मूल्यों' (values of his time) से मेल खाती हैं।
  2. कारण और प्रभाव (Cause and Effect): इतिहासकार का काम केवल घटनाओं को क्रमबद्ध करना नहीं, बल्कि उनके कारणों का पता लगाना है। कार 'दुर्घटनावाद' (Accidentalism) के विरोधी थे।
  3. समाज और व्यक्ति (Society and Individual): कार ने 'महान पुरुष सिद्धांत' (Great Man Theory) की आलोचना की। उनका कहना था कि कोई भी व्यक्ति अपने सामाजिक ढांचे से अलग नहीं होता। इतिहास समाज की प्रगति का अध्ययन है, न कि केवल राजाओं और सेनापतियों की जीवनी।

पढ़ने की विधि — चरणबद्ध मार्गदर्शन (लंबी पढ़ाई के लिये)

  1. पहली बार: धीमी रीडिंग — प्रत्येक अध्याय के मुख्य तर्क और संक्षेप नोट्स बनाएं।
  2. दूसरी बार: उद्धरणों और उदाहरणों पर ध्यान दें; लेखक कैसे स्रोतों को परिभाषित करता है।
  3. तुलनात्मक पढ़ाई: Leopold von Ranke, Marc Bloch, Fernand Braudel जैसी मontalab विद्वानों से Carr के तर्कों की तुलना करें।
  4. आलोचनात्मक समीक्षा: Carr पर लेखी आलोचनाएँ पढ़ें और उनकी सीमाओं पर नोट बनाएं।
  5. लिखित व्यायाम: Carr के सिद्धांतों का उपयोग करके एक ऐतिहासिक घटना (जैसे 1857/1917/1947) का संक्षिप्त विश्लेषण करें।

निष्कर्ष: क्या आपको यह पीडीएफ़ पढ़नी चाहिए?

बिल्कुल। चाहे आप हिंदी में पीडीएफ़ खोज रहे हों या अंग्रेजी में हार्डकवर, 'व्हाट इज हिस्ट्री' उन किताबों में से है जो आपके सोचने का तरीका बदल देती है। यह पुस्तक आपको सिखाती है कि जब भी आप कोई ऐतिहासिक दावा पढ़ें, तो पूछें: "यह लेखक किस उद्देश्य से लिख रहा है? वह किस युग का उत्पाद है?"

अंतिम सुझाव: मुफ्त पीडीएफ़ की अंधाधुंध खोज में समय बर्बाद करने से बेहतर है कि आप अपने नजदीकी पुस्तकालय जाएं या ऑनलाइन वैध ई-बुक खरीदें। लेकिन कोशिश करते रहें - "e.h. carr what is history pdf in hindi" की खोज आज भी हिंदी इतिहास के जिज्ञासु छात्रों के लिए प्रासंगिक है। e.h. carr what is history pdf in hindi

"अतीत की व्याख्या वर्तमान की आवश्यकताओं के लिए की जाती है।" – ई.एच. कार


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ):

  1. क्या 'व्हाट इज हिस्ट्री' का हिंदी अनुवाद उपलब्ध है? हां, विभिन्न प्रकाशनों द्वारा सीमित मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन यह उतना प्रचलित नहीं है जितना अंग्रेजी संस्करण।

  2. क्या UGC-NET परीक्षा के लिए यह किताब जरूरी है? हां, इतिहास लेखन (Historiography) के पेपर में इसके सिद्धांत (कारण, तथ्य, इतिहासकार की भूमिका) बार-बार पूछे जाते हैं।

  3. हिंदी पीडीएफ़ कैसे खोजें? Google पर site:archive.org "What is History" E.H. Carr Hindi सर्च करें या फिर किसी प्रोफेसर से संपर्क करें।

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है। पुस्तक के अधिकार प्रकाशक के पास सुरक्षित हैं।

The Hindi translation of ’s seminal work, " Itihas Kya Hai?

" (इतिहास क्या है?), is widely used by students and historians in India to understand historiography. Below are the primary resources for accessing this text in PDF format, along with a summary of its core concepts. Where to Download the PDF (Hindi)

Several digital libraries provide the full Hindi translation legally and for free: Internet Archive (Version 1) : A complete digital scan titled Itihas Kya Hai?

Internet Archive (Version 2): Another high-quality scan from the Digital Library of India.

Open Library: Provides a philosophical interpretation and links to various editions.

Amazon India: For those seeking a physical copy or a modern digital edition for Kindle, publishers like VISIONIAS offer translated versions. Core Concepts of "What is History?"

In this book, Carr explores the relationship between the historian and their facts. Key takeaways include:

Continuous Dialogue: Carr defines history as a "continuous process of interaction between the historian and his facts" and an "unending dialogue between the present and the past".

Historian vs. Facts: He argues that facts do not speak for themselves; they only become "historical facts" when the historian selects and interprets them.

Objectivity: Carr challenges the idea of "absolute" objectivity, stating that every historian is a product of their own society and time period.

Causation: He notes that historical study is the study of causes, moving away from seeking universal laws to identifying a hierarchy of various causes for events. ITIHAS KYA HA?I - HINDI : E. H. CARR - Internet Archive

ई.एच. कार्र: व्हाट इज़ हिस्ट्री? उनका विश्लेषण करना

ई.एच. कार्र एक प्रमुख इतिहासकार और राजनीतिक विचारक थे, जिन्होंने इतिहास के अध्ययन और उसकी व्याख्या पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी पुस्तक "व्हाट इज़ हिस्ट्री?" 1961 में प्रकाशित हुई थी, जिसमें उन्होंने इतिहास की प्रकृति, उसके उद्देश्य, और उसके अध्ययन के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।

इतिहास की परिभाषा

कार्र के अनुसार, इतिहास एक विज्ञान है जो मानव समाज के अतीत का अध्ययन करता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हम अतीत के तथ्यों को इकट्ठा करते हैं, उनका विश्लेषण करते हैं, और उनके आधार पर निष्कर्ष निकालते हैं। इतिहास का उद्देश्य अतीत को समझना और उसके आधार पर वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सीखना है।

इतिहास की विशेषताएं

कार्र ने इतिहास की कुछ विशेषताओं पर प्रकाश डाला:

  1. इतिहास एक विज्ञान है: इतिहास एक विज्ञान है जो तथ्यों पर आधारित होता है। इतिहासकारों को तथ्यों को इकट्ठा करने, उनका विश्लेषण करने, और उनके आधार पर निष्कर्ष निकालने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करना चाहिए।
  2. इतिहास एक कला है: इतिहास एक कला भी है, क्योंकि इतिहासकारों को तथ्यों को प्रस्तुत करने और उनकी व्याख्या करने के लिए अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति का उपयोग करना पड़ता है।
  3. इतिहास एक सामाजिक विज्ञान है: इतिहास एक सामाजिक विज्ञान है, क्योंकि यह मानव समाज के अतीत का अध्ययन करता है। इतिहासकारों को समाज के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, और समाजशास्त्र का अध्ययन करना पड़ता है।

इतिहास के स्रोत

कार्र ने इतिहास के स्रोतों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इतिहास के स्रोत विविध हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  1. प्राथमिक स्रोत: प्राथमिक स्रोत वे दस्तावेज़ और रिकॉर्ड हैं जो उस समय के दौरान बनाए गए थे जब इतिहास की घटना हुई थी। उदाहरण के लिए, पत्र, डायरी, और सरकारी रिकॉर्ड।
  2. द्वितीयक स्रोत: द्वितीयक स्रोत वे लेख और पुस्तकें हैं जो प्राथमिक स्रोतों के आधार पर लिखे गए हैं। उदाहरण के लिए, इतिहास की पुस्तकें और लेख।

इतिहास की व्याख्या

कार्र ने इतिहास की व्याख्या पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इतिहास की व्याख्या एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें इतिहासकारों को तथ्यों को इकट्ठा करना, उनका विश्लेषण करना, और उनके आधार पर निष्कर्ष निकालना पड़ता है। इतिहासकारों को अपनी व्याख्या में वस्तुनिष्ठता और वैज्ञानिकता का ध्यान रखना चाहिए।

निष्कर्ष

ई.एच. कार्र की पुस्तक "व्हाट इज़ हिस्ट्री?" इतिहास के अध्ययन और उसकी व्याख्या पर एक महत्वपूर्ण योगदान है। इसमें उन्होंने इतिहास की प्रकृति, उसके उद्देश्य, और उसके अध्ययन के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। इतिहासकारों को इस पुस्तक से बहुत कुछ सीखने को मिलता है, और यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है।

उम्मीद है, यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा। यदि आपको और अधिक जानकारी चाहिए, तो कृपया मुझे बताएं।

Here is the PDF version of E.H. Carr's "What is History?" in Hindi:

कृपया ध्यान दें कि ई.एच. कार्र की पुस्तक "व्हाट इज़ हिस्ट्री?" का हिंदी अनुवाद ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। हालांकि, आप पुस्तक के अंग्रेजी संस्करण को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं और उसका अनुवाद हिंदी में कर सकते हैं।

आपको यह लेख उपयोगी लगा? यदि आपके पास और कोई प्रश्न है, तो कृपया मुझसे पूछें।

ई.एच. कार (E.H. Carr) की कालजयी कृति " इतिहास क्या है?

" (What is History?) को इतिहासलेखन (Historiography) के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी ग्रंथ माना जाता है। 1961 में कैंब्रिज विश्वविद्यालय में दिए गए व्याख्यानों पर आधारित यह पुस्तक स्पष्ट करती है कि इतिहास केवल अतीत के तथ्यों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह "अतीत और वर्तमान के बीच एक अनवरत संवाद" है।

लेख और मुख्य विश्लेषण (Hindi Analysis) जिनमें शामिल हैं:

ई.एच. कार के प्रमुख विचार निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित हैं:

तथ्य और इतिहासकार (The Historian and His Facts): कार तर्क देते हैं कि तथ्य अपने आप में कुछ नहीं बोलते। तथ्य तभी अर्थपूर्ण होते हैं जब कोई इतिहासकार उन्हें चुनता है और उनकी व्याख्या करता है। उनके अनुसार, इतिहासकार अपनी पसंद के अनुसार तथ्यों को आकार देता है।

इतिहासकार का पूर्वाग्रह (Bias): इतिहासकार स्वयं अपने समय और समाज की उपज होता है। वह जिस चश्मे से अतीत को देखता है, उसमें उसके वर्तमान के मूल्य और विचारधाराएँ समाहित होती हैं। इसलिए, किसी इतिहासकार के कार्य को समझने के लिए पहले उस इतिहासकार को समझना आवश्यक है。

इतिहास और विज्ञान (History and Science): कार इतिहास को एक विज्ञान मानते हैं। यद्यपि इतिहास भविष्य की सटीक भविष्यवाणी नहीं कर सकता, लेकिन यह वैज्ञानिक विधियों (जैसे सामान्यीकरण) का उपयोग करके ऐतिहासिक कारणों का विश्लेषण करता है।

प्रगति का विचार (Idea of Progress): वे इतिहास को मानवीय क्षमता के प्रगतिशील विकास के रूप में देखते हैं। उनके लिए वस्तुनिष्ठता का अर्थ यह है कि इतिहासकार अपने संकीर्ण संदर्भों से ऊपर उठकर भविष्य की दृष्टि से अतीत का आकलन करे। PDF और संसाधन (Resources in Hindi)

यदि आप इस पुस्तक का हिंदी अनुवाद या पीडीएफ (PDF) ढूंढ रहे हैं, तो निम्नलिखित स्रोत उपयोगी हो सकते हैं: ITIHAS KYA HA?I - HINDI : E. H. CARR - Internet Archive

ई.एच. कार (E.H. Carr) की प्रसिद्ध पुस्तक " इतिहास क्या है?" (What is History?)

1961 में प्रकाशित हुई थी, जो उनके द्वारा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में दिए गए व्याख्यानों पर आधारित है। इस पुस्तक में उन्होंने इतिहास लेखन (Historiography) के पारंपरिक विचारों को चुनौती देते हुए एक क्रांतिकारी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।

नीचे उनके विचारों पर आधारित एक निबंध का सारांश दिया गया है:

इतिहास: अतीत और वर्तमान के बीच एक संवाद

ई.एच. कार के अनुसार, इतिहास कोई मृत अतीत नहीं है, बल्कि यह "इतिहासकार और उसके तथ्यों के बीच की अंतःक्रिया की एक निरंतर प्रक्रिया है, अतीत और वर्तमान के बीच एक अनवरत संवाद है"

1. इतिहासकार और तथ्य (The Historian and his Facts)

कार ने इस विचार को खारिज कर दिया कि तथ्य स्वयं बोलते हैं। उनका मानना था कि:

चयन की प्रक्रिया: इतिहासकार उन असंख्य घटनाओं में से कुछ को चुनता है जिन्हें वह महत्वपूर्ण मानता है। तथ्य केवल तभी 'ऐतिहासिक' बनते हैं जब इतिहासकार उन्हें अपनी व्याख्या के लिए चुनता है।

व्याख्या का महत्व: बिना इतिहासकार के तथ्य निर्जीव हैं, और बिना तथ्यों के इतिहासकार आधारहीन है。

2. समाज और व्यक्ति (Society and the Individual)

कार का तर्क है कि कोई भी इतिहासकार अपने समाज और युग की उपज होता है। इतिहासकार के विचार, भाषा और दृष्टिकोण उसके सामाजिक परिवेश से प्रभावित होते हैं। इसलिए, इतिहास को समझने के लिए पहले उस इतिहासकार को समझना आवश्यक है जिसने उसे लिखा है।

3. इतिहास और विज्ञान (History, Science, and Morality)

उन्होंने इतिहास को एक विज्ञान के रूप में देखा, लेकिन प्राकृतिक विज्ञान से अलग। कार के अनुसार, इतिहासकार भी वैज्ञानिकों की तरह 'क्यों' का उत्तर खोजते हैं और कारणों की व्याख्या करते हैं। वे किसी एक कारण के बजाय कई कारणों (Multiple Causation) के पदानुक्रम को समझने की कोशिश करते हैं。 What Is History: Book Summary - Essay examples by EduBirdie